क्या हज में मुस्लिम हिन्दू कर्मकांडों की नकल करते हैं ?
हिन्दू भाईयों की ओर से ये प्रश्न बार बार उठाया जाता है कि //पूरी दूनियां के धार्मिक लोग बोलते हैं कि काबे मे शिवलिंग है, इसी कारण काबे को मुस्लिम ढककर छिपाते हैं... और काबा एक हिन्दू मन्दिर है ये बात हज के दौरान किए जाने वाले कर्मकाण्डो से भी सिद्ध होती है ... जब मुसलमान मक्का जाते हैं तो सब दाढ़ी, मूँछ कटा कर हिन्दू जैसे सफ़ेद वस्त्र पहनते है, हिन्दुओं की तरह उस जगह की परिक्रमा करते हैं, हिन्दुओं की तरह ही हज करते समय मुस्लिम जीवहत्या से परहेज़ करते हैं ... ये सब निशानियां इसी बात की हैं कि इस्लाम धर्म हिन्दू धर्म से ही अलग हुआ है // .... भाईयों, काबे मे शिव जी के होने के प्रश्न का उत्तर मैंने पहले दे दिया था, वो उत्तर यहाँ पढ़ा जा सकता है रही बात हज और उमरा के समय मुस्लिमों द्वारा किए जाने वाले कर्मकाण्ड की, तो उस समय मुस्लिमों की वेशभूषा, काबा शरीफ़ की परिक्रमा, पुरूषों का मुंडन, और जीवहत्या निषेध ... ये सब कुछ चार हजार साल पहले हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम द्वारा किए गए कार्यों का अनुकरण यानी सुन्नते इब्राहीमी है ... सम्भवत: चार हजार साल पहले कपड़े सिलने का आविष्कार ...